IV कितनी होनी चाहिए: Options में सही आई वी कैसे पहचानें?

IV कितनी होनी चाहिए

अगर मैं आपसे पूछूँ:क्या आप जानते हैं कि IV कितनी होनी चाहिए?” तो शायद जवाब देने में थोड़ी देर लगे।

क्योंकि IV समझे बिना options trading करना अंधेरे में तीर चलाने जैसा है।

जब मैंने पहली बार option chain में आई वी देखी थी, तो मुझे भी समझ नहीं आया था कि यह नंबर आखिर क्या बताता है, 10%, 25%, 45%… यह सब क्या है? 

लेकिन जब यह समझ आया, तो options trading का नज़रिया ही बदल गया।

IV यानी Implied Volatility: यह वह नंबर है जो बताता है कि मार्केट आने वाले समय में कितनी हलचल की उम्मीद कर रहा है। 

जब IV ज़्यादा होती है तो option premium महंगा होता है, और जब IV कम होती है तो premium सस्ता। बस इतना समझ लीजिए, बाकी सब अपने आप clear होता जाएगा।

इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि IV क्या होती है, IV ज़्यादा या कम होने का क्या मतलब है, options trading में IV कितनी होनी चाहिए, और traders IV देखकर trade कैसे decide करते हैं। 

सब कुछ आसान भाषा में, बिना किसी confusion के।

अगर आप options trading में सही decisions लेना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल पूरा पढ़िए।

IV क्या होती है और कितनी होनी चाहिए?

Options trading में IV यानी Implied Volatility एक ऐसा concept है जो बताता है कि आने वाले समय में किसी stock या index में कितनी हलचल हो सकती है। सीधे शब्दों में कहें तो,  IV मार्केट का “डर का थर्मामीटर” है।

जब मार्केट में कोई बड़ा event आने वाला होता है, जैसे budget, RBI policy, या election results, तो uncertainty बढ़ती है और IV ऊपर चली जाती है। और जब मार्केट शांत होता है, तब IV नीचे आ जाती है।

IV इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह option premium को सीधे affect करती है। जब IV बढ़ती है तो option premium महंगा हो जाता है, और जब IV कम होती है तो premium सस्ता। 

इसीलिए experienced traders price के साथ-साथ हमेशा IV भी check करते हैं।

इसी आधार पर traders अपनी strategy बनाते हैं, Low IV में options खरीदना और High IV में options बेचना। 

यह एक simple rule है जो आपकी trading को काफी बेहतर बना सकता है।

IV ज्यादा होने का क्या मतलब है?

जब IV ज़्यादा होती है, इसका मतलब है कि मार्केट में बड़ी movement आने की उम्मीद है, और इसी वजह से option premium महंगा हो जाता है। 

सीधे शब्दों में: High IV = महंगा option = बेचने का मौका।

उदाहरण के तौर पर

 मान लीजिए budget आने वाला है। मार्केट में uncertainty है और Nifty की IV 30% से बढ़कर 45% हो गई। 

इसका मतलब है कि option premium पहले से काफी महंगा हो चुका है। ऐसे में अगर आपने option खरीदा, और budget के बाद मार्केट ज़्यादा नहीं हिला, तो IV गिरेगी और आपका premium भी गिर जाएगा। 

यही IV Crush कहलाता है, और यही सबसे common गलती है जो नए traders करते हैं।

 IV कम होने पर क्या करें?

जब IV कम होती है, इसका मतलब है कि मार्केट शांत है, कोई बड़ा event नहीं, कोई uncertainty नहीं। और इसी वजह से option premium सस्ता होता है। 

सीधे शब्दों में: Low IV = सस्ता option = खरीदने का मौका।

उदाहरण के तौर पर:

 मान लीजिए बाज़ार sideways चल रहा है, कोई बड़ी news नहीं है और Nifty की IV सिर्फ 12% है। इसका मतलब है कि option premium अभी काफी सस्ता मिल रहा है।

ऐसे में अगर आपको लगता है कि आने वाले दिनों में मार्केट में कोई बड़ी movement आ सकती है, तो यह options खरीदने का सबसे अच्छा समय है। 

क्योंकि जैसे ही कोई बड़ा event आएगा, IV बढ़ेगी और आपका option premium भी बढ़ जाएगा, भले ही price ज़्यादा न हिले।

लेकिन एक बात याद रखें: Low IV का मतलब यह नहीं कि आँख बंद करके कोई भी option खरीद लो। सही strike price, सही expiry और सही direction, यह तीनों चीज़ें तब भी ज़रूरी हैं।

IV Calculator क्या होता है और कैसे काम करता है?

आजकल लगभग सभी बड़े trading platforms और financial websites पर IV Calculator मौजूद होता है। 

लेकिन सवाल यह है कि यह काम कैसे करता है और आपके किस काम आता है?

IV Calculator एक ऐसा tool है जो आपको बताता है कि किसी option की current IV कितनी है  और उसके आधार पर वह option सस्ता है या महंगा। 

इसे use करके आप option chain में से सबसे बेहतर option चुन सकते हैं।

IV Calculator से क्या पता चलता है:

  • Option overpriced है या underpriced: अगर current IV, historical IV से ज़्यादा है तो option महंगा है
  • कब खरीदना सही है: जब IV historically कम हो
  • कब बेचना सही है: जब IV historically ज़्यादा हो

कहाँ मिलता है IV Calculator:

  • NSE website: option chain में directly IV दिखती है

एक ज़रूरी बात:

IV Calculator सिर्फ एक tool है, trading decision नहीं। IV के साथ-साथ price trend, support-resistance और market condition भी देखना ज़रूरी है।

Option Chain में IV कैसे देखें?

Option Chain में IV देखना बहुत आसान है, बस आपको पता होना चाहिए कि कहाँ देखना है।

ऑप्शन चेन में हर strike price के सामने IV दिखाई देती है, जो आपको बताती है कि उस particular option की volatility कितनी है।

Option Chain में IV पढ़ते वक्त यह 3 बातें याद रखें:

  • ATM options की IV सबसे ज़्यादा accurate होती है: At The Money strike price पर IV सबसे reliable होती है
  • Deep ITM या OTM options की IV misleading हो सकती है: इन्हें ignore करें
  • IV को हमेशा historical average से compare करें: सिर्फ current number देखना काफी नहीं है

उदाहरण के तौर पर: मान लीजिए Nifty 22,000 की strike price के सामने Call option की IV 18% दिख रही है और Put option की IV 20% है। 

इसका मतलब है कि Put side पर ज़्यादा uncertainty है, traders नीचे जाने की ज़्यादा उम्मीद कर रहे हैं।

 IV से Option सस्ता या महंगा कैसे पता करें?

बहुत से traders सिर्फ option का price देखकर trade लेते हैं, लेकिन असली बात यह है कि option सस्ता है या महंगा, यह price नहीं बल्कि IV बताती है। 

IV की तुलना करके आप तुरंत समझ सकते हैं कि option खरीदना सही है या नहीं।

सबसे आसान तरीका: Current IV को Historical IV से compare करें:

  • अगर Current IV > Historical IV, option महंगा है, बेचने का मौका
  • अगर Current IV < Historical IV, option सस्ता है, खरीदने का मौका
  • अगर Current IV = Historical IV, option fairly priced है

उदाहरण के तौर पर:

मान लीजिए किसी stock की normal IV 15% रहती है, लेकिन आज अचानक 35% हो गई। इसका मतलब है कि option का premium सामान्य से काफी ज़्यादा महंगा हो गया है।

ऐसे में अगर आपने यह option खरीदा, और कोई बड़ी movement नहीं आई, तो IV वापस 15% पर आ जाएगी और आपका premium आधे से भी कम हो जाएगा। 

यही IV Crush है, और यही सबसे बड़ा trap है जिसमें नए traders फंसते हैं।

इसके उलट, अगर किसी stock की normal IV 30% है और आज सिर्फ 14% है, तो option बहुत सस्ता मिल रहा है। 

अगर आने वाले दिनों में कोई event है तो यह खरीदने का अच्छा मौका हो सकता है।

IV Chart कैसे पढ़ें?

IV Chart एक ऐसा tool है जो आपको बताता है कि मार्केट की current volatility, historical volatility के मुकाबले कहाँ है। सीधे शब्दों में, IV Chart आपको बताता है कि अभी option महंगा है या सस्ता।

अगर current IV, historical IV से काफी ज़्यादा है, तो option premium महंगा है और selling strategy बेहतर रहती है। 

वहीं अगर current IV कम है, तो option सस्ता है और buying का मौका हो सकता है।

IV LevelMarket ConditionOption PremiumStrategy
0%–15%Low Volatilityसस्ताBuying
15%–25%NormalNormalBoth
25%–40%High VolatilityमहंगाSelling
40%+Very High Volatilityबहुत महंगाMostly Selling

याद रखें: यह table एक general guideline है। हर stock और index की अपनी normal IV range होती है। 

इसलिए हमेशा उस particular stock की historical IV से compare करके decision लें।

निष्कर्ष 

सोचिए अगर आपने High IV में option खरीद लिया, premium पहले से महंगा था, और IV गिरने पर premium और गिर गया। 

यही IV Crush है, और यही सबसे common गलती है जो नए traders करते हैं।

IV कोई complicated concept नहीं है, बस इतना याद रखें कि Low IV में खरीदो, High IV में बेचो। 

यह एक simple rule है जो आपकी options trading को हमेशा के लिए बेहतर बना सकता है।

याद रखें, options trading में price नहीं, IV देखकर trade करने वाला trader हमेशा एक कदम आगे रहता है।

IV जैसे concepts को समझना सिर्फ शुरुआत है, options trading में और भी बहुत कुछ है जो एक सही mentor के बिना सीखना मुश्किल हो सकता है। 

अगर आप options trading को seriously सीखना चाहते हैं तो हमारी stock market classes join करें।

FAQs

Q1: Options trading में IV क्या होती है?

Ans: IV यानी Implied Volatility एक ऐसा number है जो बताता है कि आने वाले समय में मार्केट में कितनी हलचल हो सकती है। 

जब IV ज़्यादा होती है तो option premium महंगा होता है, और जब IV कम होती है तो premium सस्ता। इसीलिए options trading में IV को समझना बहुत ज़रूरी है।

Q2: High IV में options खरीदना सही होता है?

Ans: नहीं, High IV में option premium पहले से महंगा होता है। ऐसे में अगर आपने option खरीदा और मार्केट ज़्यादा नहीं हिला, तो IV गिरेगी और आपका premium भी गिर जाएगा। 

इसे IV Crush कहते हैं। High IV में selling strategy ज़्यादा फायदेमंद मानी जाती है।

Q3: IV चार्ट का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

Ans: IV Chart historical और current volatility को compare करने में मदद करता है। 

इससे trader यह समझ सकता है कि अभी option महंगा है या सस्ता, और उसी हिसाब से buying या selling की strategy बना सकता है।

Q4: Low IV में कौन सी strategy best है?

Ans: Low IV में option premium सस्ता होता है, इसलिए options buying strategy ज़्यादा effective होती है। 

अगर आने वाले दिनों में कोई बड़ा event है तो Low IV में खरीदना और IV बढ़ने पर बेचना एक smart move हो सकता है।

Q5: IV और Theta का क्या relation है?

Ans: IV और Theta दोनों option premium को affect करते हैं, लेकिन अलग-अलग तरीके से। 

IV volatility की वजह से premium बढ़ाती या घटाती है, जबकि Theta time decay की वजह से हर दिन premium थोड़ा-थोड़ा कम करता रहता है। 

High IV में Theta का असर कम दिखता है, लेकिन Low IV में Theta बहुत तेज़ी से premium खाता है।

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