ATM IV Kya Hota Hai: इसे ट्रेडिंग में कैसे Use करें?

ATM IV kya hota hai

ATM IV (At The Money Implied Volatility) ऑप्शन ट्रेडिंग (Option Trading kya hai) का एक बहुत महत्वपूर्ण concept है, जिसे समझना हर options trader के लिए जरूरी माना जाता है। 

ATM IV हमें यह संकेत देती है कि market किसी underlying asset में भविष्य में कितनी volatility या price movement की उम्मीद कर रहा है।

सरल शब्दों में, ATM IV यह अनुमान लगाने में मदद करती है कि कोई asset एक निश्चित समय अवधि में कितना ऊपर या नीचे move कर सकता है। 

इसी कारण option traders अक्सर market की संभावित movement को समझने के लिए ATM IV को closely analyze करते हैं।

ATM IV kaise nikale?

अगर Nifty 50 का spot price 24,600 पर है, तो 24,600 strike को At The Money (ATM) strike कहा जाएगा। 

इस स्थिति में 24,600 के Call Option (CE) और Put Option (PE) की implied volatility का औसत आमतौर पर ATM IV माना जाता है, जिसे आप आसानी से IV in Option Chain देखकर पहचान सकते हैं।

ATM IV समय और expiry के साथ लगातार बदलती रहती है। आमतौर पर near expiry options की implied volatility अधिक होती है, जबकि दूर की expiries वाले options में IV अपेक्षाकृत कम हो सकती है।

इसके अलावा कई परिस्थितियों में यह भी देखा जाता है कि एक ही strike price पर Call option की IV, Put option की IV से थोड़ी कम हो सकती है, हालांकि यह market demand और supply के अनुसार बदल सकता है।

ATM IV को समझना traders को यह जानने में मदद करता है कि options premium में volatility का कितना प्रभाव पड़ सकता है, और market किसी move के लिए कितना prepared है।

ATM IV

NIFTY

        24600 ATM STRIKE की IV =( 24600 Ce IV + 24600 PE IV)/2 =(19.03+22.44)/2= 20.735

ATM IV Se Trading Kaise Kare?

ATM IV का उपयोग करके traders बेहतर trading decisions ले सकते हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर market की volatility को दर्शाता है। Options trading में volatility एक बहुत महत्वपूर्ण factor होता है, क्योंकि option premium का बड़ा हिस्सा volatility पर ही निर्भर करता है।

अगर किसी trader को यह समझ में आ जाए कि इस समय market में volatility का स्तर क्या है, तो वह अपने trades को अधिक structured और logical तरीके से plan कर सकता है। 

उदाहरण के लिए, high volatility के समय option premiums आमतौर पर महंगे होते हैं, जबकि low volatility के समय options relatively सस्ते हो सकते हैं।

इसी कारण कई experienced traders market की संभावित movement और option pricing को समझने के लिए ATM IV को closely analyze करते हैं, ताकि वे बेहतर entry और exit decisions ले सकें।

ATM IV Se Expected Volatility कैसे पता करें?

ATM IV से expected move निकालना options traders का एक practical तरीका है। इससे पता चलता है कि market एक निश्चित समय में लगभग कितना move कर सकता है।

Volatality smile

ATM IV से Expected Move का Basic Formula

Expected Move = Spot Price × (IV / 100) × √(Days / 365) 

जहाँ:

  • Spot Price = वर्तमान index price
  • IV = ATM Implied Volatility
  • Days = expiry तक के दिन

उदाहरण:

  • Nifty Spot = 24,600
  • ATM IV = 20.5%
  • Expiry तक = 7 दिन

Step 1:

  • Days Factor = √(7 / 365)
  • Days Factor = 0.138

Step 2:

  • Expected Move = 24600 × (20.5 / 100) × 0.138
  • Expected Move = 695 points

 इसका मतलब market 7 दिनों में लगभग ±695 points move कर सकता है।

 Range कैसे बनेगी?

  • Upper Range: 24,600 + 695 = 25,295
  • Lower Range: 24,600 – 695 = 23,905

Expected Range:

  • Upper Range = 25,295
  • Spot = 24,600
  • Lower Range = 23,905

Option Buyers IV का use करके ट्रेड कैसे करे?

Option Buyers के लिए IV जितना कम होगा, उतना ही अच्छा होता है, क्योंकि जितना कम ATM IV होगा, उतने ही सस्ते होंगे option premiums और जितना कम premium होगा, उतना ही कम नुकसान होगा अगर trade against चली जाए।

उदाहरण:

  • Case 1: Low IV (10%–12%) 

Nifty ATM IV 10% से 12% है और ATM strike का CE ₹70 और PE ₹80 पर trade कर रहा है। अगर हम Call Option buy करते हैं और वह OTM expire होता है, तो 1 lot में maximum loss होगा: ₹70 × 65 = ₹4,550

  • Case 2: High IV (25%–30%) 

जब ATM IV 25% से 30% होती है, तो उसी ATM strike का CE ₹200 तक पहुँच जाता है। अगर यह strike OTM expire होती है, तो loss बढ़कर हो जाता है: ₹200 × 65 = ₹13,000

यही कारण है कि Option Buyers के लिए कम IV पर entry लेना फायदेमंद होता है। IV कभी एक जगह स्थिर नहीं रहती, यह ऊपर-नीचे होती रहती है। 

जब भी IV कम होती है, एक समय के बाद वह फिर ऊपर की ओर spike करती है और premiums बढ़ते हैं, और ठीक उसी समय Option Buyer को अच्छा profit मिलता है।

ऑप्शन Seller IV का इस्तेमाल करके ट्रेड कैसे करें?

ऑप्शन सेलर के लिए अच्छा मौका तब होता है जब प्रीमियम महंगे होते हैं और प्रीमियम तभी महंगे होते हैं जब इन बहुत ज्यादा होता है l 

तो जब भी IV 25 के ऊपर होता है तो वह मार्केट ऑप्शन सेलर के लिए बेस्ट होता है l क्योंकि जब IV का ग्राफ ऊपर की साइड SPIKE लगता है उसके बाद वह कूल डाउन होता है उसके बाद जो प्रीमियम होते हैं वह तेजी से नीचे गिरते हैं इससे ऑप्शन सेलर को अच्छा मुनाफा होता है l

उदाहरण:

मान लीजिए निफ्टी 24,600 पर ट्रेड कर रहा है।

24600 Ce Premium Spot  IV
80 24600 12
170 24600 22

अगर कोई ऑप्शन सेलर IV 22 पर कॉल ऑप्शन बेचता है, तो उसे ₹170 का प्रीमियम मिलता है।

अब यदि बाद में IV घटकर 15 हो जाता है और मार्केट ज्यादा नहीं चलता, तो वही प्रीमियम ₹100–₹110 तक गिर सकता है।

इस स्थिति में सेलर IV गिरने से भी पैसा कमाता है, भले ही मार्केट ज्यादा मूव न करे।

IV Crush Options Strategy in Hindi 

कई बार किसी बड़े इवेंट (जैसे बजट, रिजल्ट या RBI पॉलिसी) से पहले IV बहुत बढ़ जाता है क्योंकि मार्केट को बड़े मूव की उम्मीद होती है।

लेकिन जैसे ही इवेंट खत्म होता है, अक्सर IV तेजी से गिर जाता है, जिसे IV Crush कहा जाता है।

उदाहरण के लिए:

समय  IV ऑप्शन प्रिमियम 
इवेंट से पहले  28 220
इवेंट के बाद  18 130

यहाँ मार्केट ज्यादा न भी चले तो भी IV गिरने की वजह से प्रीमियम तेजी से घट सकता है, जिससे ऑप्शन सेलर्स को फायदा मिलता है।

एक महत्वपूर्ण बात: हालांकि IV ज्यादा होने पर ऑप्शन सेलिंग के मौके मिलते हैं, लेकिन केवल IV देखकर ट्रेड करना सही नहीं है।

सफल ऑप्शन सेलर्स हमेशा मार्केट ट्रेंड, सपोर्ट-रेसिस्टेंस और रिस्क मैनेजमेंट को भी ध्यान में रखते हैं।

Options Trading में IV कितनी होनी चाहिए?

IV Range Market Condition Trader के लिए
10–15% Low volatility expected Option Buying अच्छा
15–25% Normal range दोनों strategies possible
25–30%+ High volatility / Event Option Selling अच्छा
30%+ Pandemic / War scenarios Extreme caution ज़रूरी

ऑप्शंस में कभी भी परफेक्ट IV नहीं होता या मार्केट में इवेंट, मार्केट condition और  न्यूज़ पर डिपेंड करता है अगर मार्केट लो वोलैटिलिटी एक्सपेक्ट कर रहा है तो इन 10 से 15 के बीच होता है और अगर कोई न्यूज़ होने वाला है जिससे की वोलैटिलिटी एक्सपेक्ट कर रहे हो तो वह 20 -30  चला जाता है l

 इसके ऊपर जाने का मतलब है कि कोई बड़ा पांडेमिक या War scenarios है l आमतौर पर IV 15 से 25 के बीच में  रहता हैl 

ATM IV vs INDIA VIX 

  • ATM IV  इसका मतलब होता है किसी भी asset के एट द मनी स्ट्राइक प्राइस का वोलैटिलिटी जबकि INDIA VIX पूरी मार्केट की क्वालिटी को दर्शाता है. 
  • एटीएम इन एक्सपायरी तक की वोलैटिलिटी को दर्शाता है जबकि  India VIX अगले 30 दिनों तक संभावित वोलैटिलिटी को दर्शाता है l
  • हो सकता है कि किसी ASSET के एटीएम स्ट्राइक प्राइस का IV 10 से 15 हो जाए तो जरूरी नहीं है कि INDIA VIX भी बड़े पर अगर INDIA VIX 10 से 15 होता है तो उसे ASSET का ATM स्ट्राइक का IV जरूर बढ़ जाएगा l

उदाहरण के लिए: अगर किसी पार्टिकुलर स्टॉक में कोई न्यूज़ या इवेंट होने वाला है तो उसके एटीएम IV बढ़ जाते हैं पर ओवरऑल इंडिया VIX नहीं बढ़ता है  पर अगर कोई ऐसी न्यूज़ आए जो हमारी पूरी मार्केट को इफेक्ट करती है तो इंडिया VIX बढ़ जाता है और सारे ASSETS के एटीएम आए भी बढ़ जाते हैं l

निष्कर्ष 

एटीएम IV Trading खास तौर पर OPTION TRADING के लिए एक इंपॉर्टेंट फैक्टर है जिसका प्रयोग करके हम मार्केट के भविष्य में आने वाली वोलैटिलिटी की कैलकुलेशन कर सकते हैं l 

ATM IV की मदद से हम यह भी पता लगा सकते हैं:

  • कब option buying करें और कब option selling।
  • कब option premium सस्ते हैं और कब महंगे।
  • Market किसी move के लिए कितना prepared है।
  • IV Crush से कैसे profit लें।

ATM IV को India VIX के साथ मिलाकर analyze करने से trading decisions और भी बेहतर बनती हैं।

अगर आप इन concepts को practical charts और real market examples के साथ सीखना चाहते हैं, तो आप हमारी option trading classes जॉइन करके step-by-step professional guidance प्राप्त कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: ATM IV और India VIX में से trading decision के लिए कौन ज्यादा useful है?

उत्तर: Options trading में दोनों indicators महत्वपूर्ण हैं। ATM IV option premium की pricing समझने में मदद करता है, जबकि India VIX पूरे market की expected volatility को दर्शाता है।

प्रश्न 2: क्या India VIX बढ़ने से ATM IV भी बढ़ता है?

उत्तर: अधिकतर मामलों में जब India VIX बढ़ता है तो options की implied volatility भी बढ़ जाती है, जिससे option premium महंगा हो जाता है।

प्रश्न 3: क्या ATM IV देखकर option buying का सही समय पता लगाया जा सकता है?

उत्तर: हाँ, कई traders low ATM IV के समय option buying को prefer करते हैं क्योंकि उस समय premium comparatively सस्ता होता है।

प्रश्न 4: India VIX का ideal range क्या माना जाता है?

उत्तर: आमतौर पर India VIX का 12–18 का range normal volatility माना जाता है, जबकि इससे ज्यादा level market में uncertainty को दर्शा सकता है।

प्रश्न 5: क्या low VIX में market हमेशा stable रहता है?

उत्तर: जरूरी नहीं। Low VIX केवल कम expected volatility दिखाता है, लेकिन अचानक news या events के कारण market में तेज move आ सकता है।

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