Call Aur Put Dono Buy Karne Par Kya Hota Hai? Long Straddle aur Strangle Hindi Mein

call aur put dono buy karne par kya hota hai

मान लीजिए बड़ी खबर आने वाली है, पर आपको नहीं पता कि बाज़ार ऊपर जाएगा या नीचे। इसलिए, जब सवाल आता है कि call aur put dono buy karne par kya hota hai, तो यहीं से लॉन्ग स्ट्रैडल रणनीति शुरू होती है।

Now, यही है call aur put dono buy karne par kya hota hai, और इस लेख में हम इसे आसान हिंदी में समझेंगे। However, कोई सलाह या मुनाफे का वादा नहीं है, सिर्फ साफ समझ है।

Call Aur Put Dono Buy Karne Par Kya Hota Hai?

सबसे पहले छोटा जवाब देखिए। So, नीचे तीन मुख्य बातें हैं।

  • दोनों का premium देना पड़ता है: call और put, दोनों की कीमत आपकी जेब से जाती है।
  • अधिकतम नुकसान कुल premium है: इससे ज़्यादा रकम नहीं डूबती।
  • फायदा तब है जब बड़ा उछाल किसी भी दिशा में आए: ऊपर या नीचे, पर बड़ा।

Also, इसमें दिशा से ज़्यादा चाल की मात्रा मायने रखती है। But बाज़ार टिका रहा तो दोनों premium घटते जाते हैं।

एक लॉन्ग स्ट्रैडल रणनीति का पे-ऑफ़ ग्राफ, जो दिखाता है कि कॉल और पुट दोनों खरीदने पर बाजार में किसी भी दिशा में बड़े उतार-चढ़ाव से कैसे मुनाफा या नुकसान होता है।
चार्ट और आलेख के माध्यम से समझें कि विकल्प बाजार में लॉन्ग स्ट्रैडल रणनीति कैसे काम करती है।

Besides, अगर बुनियादी समझ अभी कच्ची है, तो पहले call and put option in hindi की गाइड देख लीजिए। Then, यह रणनीति ज़्यादा साफ लगेगी।

Call Aur Put Ek Saath Buy Kare To Kya Hoga? Example Ke Saath

Now, एक काल्पनिक उदाहरण लेते हैं। Also, यह सिर्फ समझाने के लिए है, असली भाव नहीं हैं।

मान लीजिए इंडेक्स 20,000 पर है। Then, आप उसी strike price 20,000 का call 150 रुपये में और put 140 रुपये में खरीदते हैं।

Next, नीचे की तालिका में कुल लागत और दोनों ब्रेकइवन बिंदु हैं। Here, lot 50 माना गया है, पर वर्तमान lot size एक्सचेंज की वेबसाइट पर ज़रूर जांचिए।

चीज़हिसाबनतीजा
Call का premium150150 अंक
Put का premium140140 अंक
कुल premium150 + 140290 अंक
कुल लागत (1 lot)290 × 5014,500 रुपये
ऊपर का ब्रेकइवन20,000 + 29020,290
नीचे का ब्रेकइवन20,000 − 29019,710

So, expiry पर इंडेक्स को 20,290 से ऊपर या 19,710 से नीचे बंद होना चाहिए। Only then, आप लागत निकाल पाते हैं।

इन दोनों बिंदुओं के बीच का इलाका नुकसान का क्षेत्र है। Also, 20,000 पर बंद होने पर पूरा premium डूब जाता है।

Long Straddle Kya Hota Hai? Seedhi Bhasha Mein

जब call और put का strike price एक ही हो, तो इसे long straddle कहते हैं। Also, ऊपर का उदाहरण यही था।

But आमतौर पर यह ATM strike पर बनाया जाता है, क्योंकि वहां दोनों तरफ का premium लगभग बराबर रहता है।

“लॉन्ग” का मतलब है कि आप दोनों option खरीद रहे हैं, बेच नहीं रहे। So, आपका जोखिम सीमित है, पर लागत भी पूरी देनी पड़ती है।

Long Strangle Kya Hota Hai? Straddle Se Sasta Kyun Lagta Hai?

जब call और put के strike अलग हों, तो इसे long strangle कहते हैं। Also, आम तौर पर call ऊपर का OTM और put नीचे का OTM लिया जाता है।

For example, सिर्फ समझाने के लिए, 20,200 का call और 19,800 का put लीजिए। Then, दोनों का premium लगभग 65 रुपये मान लेते हैं।

So, कुल premium 130 अंक यानी 1 lot पर 6,500 रुपये बनता है। But लागत कम है, पर इंडेक्स को और दूर जाना पड़ेगा।

लॉन्ग स्ट्रैडल और लॉन्ग स्ट्रैडल रणनीति का तुलनात्मक चार्ट, जो दोनों के पे-ऑफ़ ग्राफ, ब्रेकइवन पॉइंट और अंतर को दर्शाता है।
चार्ट के माध्यम से समझें लॉन्ग स्ट्रैडल और लॉन्ग स्ट्रैडल रणनीतियों के बीच का अंतर।

Here, ब्रेकइवन 20,200 + 130 = 20,330 और 19,800 − 130 = 19,670 होते हैं।

Straddle Aur Strangle Mein Fark Kya Hai?

दोनों का मकसद एक है, यानी बड़े उछाल का इंतज़ार। But फर्क लागत और ज़रूरी दूरी का है।

Now, नीचे की तालिका में दोनों की सीधी तुलना है। Also, आंकड़े ऊपर वाले काल्पनिक उदाहरण के हैं।

बातLong straddleLong strangle
Strikeदोनों का एक ही (20,000)अलग-अलग (20,200 और 19,800)
कुल premium290 अंक130 अंक
1 lot की लागत14,500 रुपये6,500 रुपये
ब्रेकइवन19,710 और 20,29019,670 और 20,330
ज़रूरी उछालअपेक्षाकृत कमअपेक्षाकृत ज़्यादा
नुकसान की रकमज़्यादा लागत, ज़्यादा डूबता हैकम लागत, कम डूबता है

But ध्यान दीजिए, strangle सस्ता दिखता है, पर उसका ब्रेकइवन दूर है। Therefore, सस्ता होना अपने आप बेहतर होना नहीं है।

Expiry Day Par Straddle Aur Strangle Ke Profit & Loss Ka Hisab

अब देखते हैं कि expiry पर इंडेक्स अलग-अलग जगह बंद हो तो क्या होता है। So, यहां सिर्फ आंतरिक मूल्य ली गई है, और ब्रोकरेज व टैक्स शामिल नहीं हैं।

Also, नीचे की तालिका में 1 lot (50 की मात्रा) का हिसाब है। Here, सारे आंकड़े सिर्फ समझाने के लिए हैं।

Expiry पर इंडेक्सStraddle: लाभ/हानिStrangle: लाभ/हानि
19,500+10,500 रुपये+8,500 रुपये
19,700+500 रुपये−1,500 रुपये
20,000−14,500 रुपये−6,500 रुपये
20,300+500 रुपये−1,500 रुपये
20,500+10,500 रुपये+8,500 रुपये

So, 20,000 पर straddle में सबसे ज़्यादा नुकसान है, जबकि strangle में नुकसान आधे से कम है। Meanwhile, 19,700 पर straddle में सिर्फ 500 रुपये बचे, और ब्रोकरेज व टैक्स के बाद यह शून्य या नुकसान भी हो सकता है।

Breakeven Kaise Nikale? Straddle Aur Strangle Ka Formula

असल में ब्रेकइवन निकालना बहुत आसान है। So, इसके लिए सिर्फ दो जोड़-घटाव चाहिए।

First, दोनों premium जोड़िए। Then, उस कुल रकम को strike price में जोड़िए और घटाइए।

  • ऊपर का ब्रेकइवन: call का strike + कुल premium।
  • नीचे का ब्रेकइवन: put का strike − कुल premium।

Also, straddle में दोनों strike एक होते हैं। But strangle में ऊपर के लिए call का strike और नीचे के लिए put का strike लेते हैं।

यह हिसाब expiry के दिन के लिए है। Because expiry से पहले भाव अलग चलता है, क्योंकि समय और अस्थिरता का असर भी होता है।

Call Aur Put Dono Buy Karne Ka Tarika

अब देखते हैं कि यह कदम-दर-कदम कैसे बनता है। So, यह सिर्फ प्रक्रिया की जानकारी है, सलाह नहीं।

Also, नीचे क्रम से बातें हैं, जिन्हें हर बार दोहराया जा सकता है।

  1. Expiry चुनिए: दोनों option की expiry एक ही रखी जाती है।
  2. Strike तय कीजिए: straddle में एक strike, strangle में दो।
  3. दोनों की कुल लागत जोड़िए: lot से गुणा करके पूरी रकम देखिए।
  4. दोनों ब्रेकइवन लिखिए: ऊपर और नीचे, दोनों।
  5. पहले से तय कीजिए कि कब निकलना है: लागत का कितना हिस्सा खोकर बाहर आएंगे।

एक बात और। दोनों सौदे अलग-अलग ऑर्डर के रूप में लगते हैं, इसलिए भाव में थोड़ा फर्क आ सकता है। Therefore, पहले पेपर ट्रेडिंग का अभ्यास करना समझदारी है।

Call Put Dono Buy Karne Ka Nuksan

यह रणनीति जितनी आसान सुनाई देती है, उतनी है नहीं। So, अब असली दिक्कतें देखिए।

सबसे बड़ी दिक्कत है समय का असर। Also, हर बीतते दिन के साथ option का premium घटता है, और इसी को theta कहते हैं।

आप दो option खरीदते हैं। Therefore, दो जगह से theta चुभता है, और बाज़ार टिका रहे तो रोज़ का नुकसान दोगुना होता है।

Next, दूसरी दिक्कत छोटी चाल है। Here, इंडेक्स थोड़ा हिले और ब्रेकइवन तक न पहुंचे, तो दोनों premium का बड़ा हिस्सा डूब जाता है।

Event Se Pehle IV Kyun Badhta Hai? Premium Mehnga Kaise Padta Hai?

बड़ी खबर से पहले सबको हलचल की उम्मीद होती है। So, option महंगे हो जाते हैं।

Also, इसे समझने के लिए iv in option chain in Hindi की गाइड देखना काम आता है। Here, उसमें बताया गया है कि implied volatility क्या दिखाती है।

So, आप पहले से महंगा premium देकर घुसते हैं। Besides, अलग-अलग strike पर IV क्यों अलग दिखती है, यह आप iv skew kya hota hai guide से समझ सकते हैं।

Event Ke Baad IV Crush Kya Hota Hai? Straddle Par Asar

खबर आते ही अनिश्चितता खत्म हो जाती है। So, तब IV तेज़ी से गिरता है, और इस स्थिति को iv crush kya hota hai guide में विस्तार से समझाया गया है।

Now, एक काल्पनिक हिसाब देखिए। Here, ब्लैक-शोल्ज़ मॉडल, 0% ब्याज दर, इंडेक्स 20,000, 6 दिन बाकी, IV 14%।

तब ATM call और put का premium लगभग 143 + 143 = 286 अंक बनता है। Then, मान लीजिए खबर आई, इंडेक्स वहीं 20,000 पर रहा, एक दिन बीता और IV 10% हो गया, तो दोनों का premium लगभग 187 अंक रह जाता है।

So, करीब 100 अंक का नुकसान हुआ, जो 1 lot पर लगभग 5,000 रुपये है। But इंडेक्स एक पैसा नहीं हिला, और यह सिर्फ समझाने के लिए है।

Call Aur Put Dono Buy Karne Ka Plan Kab Soch Jata Hai? Event Aur Vega

कुछ ट्रेडर तब इसके बारे में सोचते हैं जब कोई बड़ी घटना सामने हो, जैसे चुनाव नतीजे, बजट या कंपनियों के नतीजे। Also, उन्हें चाल की उम्मीद होती है, पर दिशा का पता नहीं होता।

But सावधान रहिए। Because जब सबको घटना पता है, तो premium में वह उम्मीद पहले से जुड़ चुकी होती है।

Also, event से पहले बाज़ार में पोजिशन कैसे बनती है, यह आप long build up kya hota hai guide से समझ सकते हैं।

Next, premium कितना संवेदनशील है, यह समझने के लिए vega kya hota hai in hindi guide काम आती है। Here, घटना के बाद vega का असर ही premium को गिराता है।

Therefore, “घटना है, तो कमाई होगी” वाली सोच जोखिम भरी है। Because घटना होना और आपके हिसाब से चाल आना, दोनों अलग बातें हैं।

Straddle Aur Option Hedging Mein Kya Fark Hai?

कई लोग इसे hedge समझ लेते हैं। But दोनों का मकसद अलग है।

Hedge का काम पहले से बने जोखिम को घटाना है। Whereas, call और put दोनों खरीदना एक नया दांव है, जो चाल पर लगाया गया है।

अगर आपका मकसद सुरक्षा है, तो ऑप्शन में जोखिम घटाने के तरीके अलग से पढ़िए। Also, वहां सुरक्षा की सोच अलग तरह से समझाई गई है।

So, straddle को सुरक्षा कवच मत समझिए। Because इसमें भी पूरा premium डूब सकता है।

Straddle Mein Nuksan Kaise Sambhalein?

अब देखते हैं कि नुकसान को सीमित रखने के लिए क्या सोचा जा सकता है। So, ये सिर्फ सामान्य नियम हैं।

Also, नीचे कुछ बातें हैं जो हर सौदे से पहले जांची जा सकती हैं।

  • कुल लागत पहले से जानिए: यह आपकी अधिकतम हानि है।
  • इतनी रकम लगाइए जिसे खोने से घर न हिले: पूंजी का छोटा हिस्सा ही रखिए।
  • निकलने का नियम पहले लिखिए: कब बाहर आएंगे, यह दांव लगाने से पहले तय हो।
  • Expiry के बहुत पास मत ठहरिए: आखिरी दिनों में समय का असर सबसे तेज़ होता है।

Besides, निकलने के लिए स्टॉप लॉस लगाने का सही तरीका समझना ज़रूरी है। Because दो option हैं, इसलिए दोनों के लिए अलग सोच चाहिए।

Also, पोजिशन कटने पर बाज़ार में क्या दिखता है, यह long unwinding kya hota hai guide में साफ समझाया गया है।

But एक आम आदत यह है कि जो पक्ष घाटे में है उसे बिना सोचे पकड़े रखना। Therefore, इससे नुकसान और बढ़ता है।

Call aur Put Dono Buy Karne Ki Galtiyan Jo Aapko Dubo Sakti Hain

कुछ गलतियां अक्सर होती हैं। So, इन्हें पहचान लीजिए, बचाव आसान होगा।

Also, नीचे की सूची में पांच गलतियां हैं।

  • ब्रेकइवन न निकालना: बिना हिसाब के दांव लगाना।
  • सिर्फ दिशा देखना: चाल की मात्रा और समय को भूल जाना।
  • IV देखे बिना घुसना: महंगे premium पर सौदा करना।
  • Expiry के दिन घुसना: theta बहुत तेज़ होता है।
  • ज़िद में दोबारा दांव लगाना: नुकसान की भरपाई की जल्दी।

Therefore, हारने के कारणों को ऑप्शन में नुकसान की असली वजहें में विस्तार से समझाया गया है। Also, उसे पढ़कर अपनी आदतें जांचिए।

Call Aur Put Dono Buy Karna Kise Nahi Karna Chahiye?

अगर आप नए हैं, तो इस रणनीति से पहले बुनियाद मज़बूत कीजिए। Because जल्दबाज़ी में उठाया कदम महंगा पड़ सकता है।

So, इन स्थितियों में ज़्यादा सावधानी चाहिए।

  • जिन्हें theta और IV की समझ नहीं है: पहले इन्हें पढ़िए।
  • जिनके पास सीमित पूंजी है: पूरा premium डूबने का डर रहेगा।
  • जो एक-दो सौदे में नुकसान की भरपाई चाहते हैं: यह जल्दबाज़ी वाला रास्ता है।
  • जो सिर्फ किसी की सलाह पर चलते हैं: खुद हिसाब समझना ज़रूरी है।

खबर आने से पहले call और put दोनों खरीदने का मन है? पहले खुद ब्रेकइवन और IV crush का हिसाब निकालना सीख लीजिए।

So, हमारी live classes में अपने सवाल सीधे पूछिए और असली option chain पर step by step सीखिए। Also, क्लास 1 से 1.5 घंटे की है और कोई तय batch नहीं है।

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निष्कर्ष

So, call aur put dono buy karne par kya hota hai, इसका जवाब सीधा है: दोनों का premium देना पड़ता है और बड़ी चाल चाहिए। Also, अधिकतम नुकसान कुल premium है।

But theta और IV crush दोनों premium घटा सकते हैं, चाहे इंडेक्स न हिले। Therefore, ब्रेकइवन और निकलने का नियम पहले लिखिए।

Finally, इसे सुरक्षा कवच मत समझिए, और पहले पेपर ट्रेडिंग से अभ्यास कीजिए।

Disclaimer: यह लेख केवल शैक्षणिक है। Also, इसमें दिए सभी आंकड़े काल्पनिक हैं और सिर्फ समझाने के लिए हैं। बाज़ार के नतीजे तय नहीं होते, वे कम या नकारात्मक भी हो सकते हैं, और पिछला प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं है। So, यह व्यक्तिगत सलाह नहीं है, इसलिए SEBI-पंजीकृत सलाहकार से बात कीजिए, और नियम व lot size एक्सचेंज की वेबसाइट पर जांचिए।

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