Liabilities Meaning in Hindi: लायबिलिटी का मतलब उदाहरण सहित जानें

Liabilities Meaning in Hindi

लायबिलिटी मीनिंग इन हिंदी खोज रहे हैं? सीधे शब्दों में, यह वह रकम है जो कंपनी या व्यक्ति को दूसरों को चुकानी होती है, जैसे लोन, उधार और बकाया बिल, हर तरह की देनदारी इसमें आती है.

So, आसान शब्दों में liabilities = देनदारी. यही liabilities kya hoti hai का सीधा जवाब है.

अगर आप किसी कंपनी के शेयर खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह शब्द आपके पैसे से जुड़ा है. Because जितनी ज़्यादा देनदारी, उतना ज़्यादा बोझ.

Liabilities Meaning In Hindi With Example

सिर्फ परिभाषा से बात साफ नहीं होती। इसलिए, नीचे दिए गए 3 liabilities examples को विस्तार से देखिए

जिनमें एक व्यक्तिगत उदाहरण और दो कंपनी से जुड़े उदाहरण शामिल हैं:

उदाहरणरकमLiability का प्रकार
आपने घर के लिए bank से home loan लिया₹30 लाखNon-current (लंबी अवधि)
कंपनी ने supplier से कच्चा माल उधार लिया, 45 दिन में चुकाना है₹2 लाखCurrent (छोटी अवधि)
कंपनी ने bank से 5 साल का term loan लिया₹10 करोड़Non-current (लंबी अवधि)

तीनों में बात एक ही है. पैसा आपके पास आ चुका है, पर उसे लौटाना बाकी है.

But एक बात ध्यान रखिए. Loan लेना अपने आप में बुरा नहीं है. गड़बड़ तब होती है जब कंपनी की कमाई से ज़्यादा उसकी देनदारी हो जाए.

Current और Non-Current Liabilities में फर्क क्या है?

चुकाने के समय के हिसाब से liabilities के दो हिस्से होते हैं. First, नीचे सीधी तुलना देखिए:

बातCurrent LiabilitiesNon-Current Liabilities
चुकाने की अवधि1 साल के अंदर1 साल से ज़्यादा
उदाहरणSupplier का बकाया, short-term loanLong-term loan, bonds
Balance sheet मेंअलग section में ऊपरअलग section में नीचे
क्यों मायने रखती हैकंपनी के रोज़ के cash flow पर असरकंपनी के लंबे समय के बोझ पर असर

For example, 5 साल के loan की जो किस्त अगले 12 महीनों में देनी है, उसे current liability में गिनते हैं.

पूरी balance sheet को पढ़ने का तरीका balance sheet in hindi में देखिए.

Current Liability Meaning in Hindi: क्या होती हैं शॉर्ट-टर्म देनदारियां?

Current liabilities meaning in hindi में ये वे देनदारियां हैं जो कंपनी को 1 साल के अंदर चुकानी होती हैं.

Also, ये कंपनी के रोज़ के कामकाज से जुड़ी होती हैं:

  • Accounts payable: supplier से माल उधार लेने पर बनने वाली रकम. For example, ₹2 लाख का कच्चा माल, जिसका भुगतान 45 दिन में करना है.
  • Short-term loan: 1 साल के अंदर लौटाया जाने वाला कर्ज़. कंपनी इसे अक्सर रोज़ के खर्च चलाने के लिए लेती है.
  • Accrued expenses: हो चुके खर्च, जिनका भुगतान बाकी है. For instance, महीने के अंत तक देय salary या बिजली का बिल.
  • Interest payable और income tax payable: चुकाने वाला ब्याज और टैक्स. Like, loan का वह ब्याज जो अभी bank को दिया नहीं गया.
  • Bank overdraft: खाते में पैसा न होने पर bank से मिली उधार की सुविधा. Then तय सीमा तक पैसा निकलता है और उस पर ब्याज लगता है.

अगर कंपनी ने shareholders को dividend घोषित किया है, तो चुकाने तक वह भी देनदारी है.

इसकी बुनियाद dividend meaning in hindi में समझिए.

Non Current Liabilities Meaning in Hindi: लंबी अवधि का कर्ज़ क्या होता है?

Non-current liabilities meaning in Hindi में ये वे देनदारियां हैं जिन्हें चुकाने में 1 साल से ज़्यादा लगता है.

Also, ये कंपनी के बड़े और लंबे फैसलों से जुड़ी होती हैं:

  • Long-term loan: कई साल में चुकाया जाने वाला कर्ज़. For example, नई फैक्ट्री के लिए लिया गया ₹10 करोड़ का 5 साल का loan.किस्तों में चुकाने की इस प्रक्रिया को amortization meaning in Hindi में समझिए.
  • Bonds payable: बांड बेचकर निवेशकों से जुटाई रकम. कंपनी इन्हें तय समय पर ब्याज के साथ लौटाती है.
  • Deferred tax liabilities: आगे चुकाया जाने वाला टैक्स. यह तब बनता है जब टैक्स और खाते का हिसाब अलग-अलग साल में पड़ता है.
  • Long-term lease: लंबे समय का किराये का करार. For instance, 10 साल के लिए लिया गया गोदाम या मशीन.
  • Deferred revenue: पहले मिला पैसा, जिसकी सेवा बाद में देनी है. For example, ग्राहक से 2 साल के सब्सक्रिप्शन का पैसा पहले ही ले लेना.

कई loan के बदले bank कोई चीज़ गिरवी रखवाता है.

इस सुरक्षा का मतलब collateral meaning in Hindi में पढ़िए.

Assets and Liabilities Difference: Assets, Liabilities और Equity का रिश्ता क्या है?

बैलेंस शीट में कंपनी के पास जो भी Assets हैं, वे या तो उसकी अपनी पूंजी से आए हैं या किसी और से लिए गए हैं। जो हिस्सा दूसरों का है, उसे ही liability in Hindi में देनदारी कहते हैं।

Balance sheet तीन हिस्सों पर टिकी होती है. Because हर कंपनी में यह हिसाब बराबर रहता है:

Assets = Liabilities + Equity

फॉर्मूला के पहले हिस्से यानी assets की पूरी तस्वीर चाहिए, तो हमारी गाइड assets meaning in hindi काम आएगी।

Let’s take an example. कंपनी ABC के पास ₹100 करोड़ की assets हैं. इनमें ₹60 करोड़ की देनदारी (liabilities) है. Then बाकी ₹40 करोड़ मालिकों का हिस्सा, यानी equity है.

So, कंपनी की चीज़ों में से 60% पर दूसरों का हक है. और सिर्फ 40% शेयरधारकों का है.

इसमें equity सबसे अलग हिस्सा है, जो मालिकों का होता है.

Equity का मतलब और इसकी भूमिका equity meaning in hindi में मिलेगी.

Balance Sheet Formula में Liabilities कहां फिट होती है?

यह हिसाब हर कंपनी में बराबर बैठना चाहिए. For example, assets ₹100 करोड़ हैं, तो liabilities और equity मिलाकर भी ₹100 करोड़ ही होंगी.

इस सूत्र को विस्तार से balance sheet formula in hindi में समझिए.

शेयर खरीदने से पहले Liabilities कैसे देखें?

Liabilities का मतलब सिर्फ पढ़ाई के लिए नहीं है. Instead, शेयर चुनते समय ये तीन सवाल पूछिए:

  1. क्या देनदारी कमाई से तेज़ बढ़ रही है? अगर हां, तो चिंता की बात है. For example, कमाई 10% बढ़े और कर्ज़ 40%.
  2. क्या current assets, current liabilities से ज़्यादा हैं? ₹50 करोड़ की current assets और ₹40 करोड़ की current liabilities हों, तो अनुपात 1.25 बनता है. This यह छोटी अवधि में चुकाने की ताकत दिखाता है.
  3. कंपनी ब्याज कितना चुका रही है? भारी ब्याज मुनाफे का बड़ा हिस्सा ले लेता है. For instance, ₹100 के मुनाफे में से ₹50 ब्याज में चले जाएं.

Ratio से कंपनी की देनदारी कैसे परखें?

Current ratio और debt-to-equity जैसे ratio बताते हैं कि देनदारी कितनी सुरक्षित है. Also, ऊपर का 1.25 वाला अनुपात इसी का एक उदाहरण है. कर्ज और मालिकों के पैसे का अनुपात कैसे निकलता है, यह इस debt to equity ratio in Hindi गाइड से सीख सकते हैं.

Fundamental Analysis में Liabilities क्यों ज़रूरी हैं?

Fundamental analysis में कंपनी की कमाई, देनदारी और बिज़नेस की ताकत परखी जाती है. So, liabilities इसमें सबसे पहले देखी जाने वाली चीज़ों में से है.

यह तरीका fundamental analysis in hindi का हिस्सा है.

Fundamental Analysis सीखने के लिए कौन सी किताबें पढ़ें?

शुरुआती लोगों के लिए किताबें accounting की बुनियाद साफ करती हैं. Also, रोज़ थोड़ा पढ़ना भी काफी है.

Liabilities को लेकर 3 आम गलतफहमियां कौन सी हैं?

शुरुआत में ज़्यादातर लोग इन बातों में उलझते हैं:

  • “Liability मतलब नुकसान.” नहीं. Liability देनदारी है, नुकसान नहीं. Loss तब बनता है जब खर्च कमाई से ज़्यादा हो जाए.
  • “हर liability बुरी होती है.” नहीं. सही जगह लगाया गया loan कारोबार बढ़ा सकता है. For example, नई मशीन के loan से ज़्यादा माल बनाकर ज़्यादा कमाना.
  • “Liability और खर्च एक ही हैं.” नहीं. खर्च हो चुका है, liability चुकानी बाकी है. For instance, बिजली का बिल इस्तेमाल के बाद खर्च है, और भुगतान तक liability.

क्या आप भी Balance Sheet पढ़कर सही कंपनी चुनना सीखना चाहते हैं?

क्या आप भी balance sheet पढ़कर अपना पहला निवेश सही तरीके से करना चाहते हैं?

हमारी live classes में आप अपने मोबाइल से जुड़ सकते हैं. Then liabilities और ratio पर सवाल पूछ सकते हैं और step by step सीख सकते हैं.

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निष्कर्ष

Liabilities का मतलब है देनदारी, यानी वह रकम जो चुकानी बाकी है. So, इसे current और non-current liabilities में बांटकर पढ़ना सबसे आसान है.

But हर liability बुरी नहीं होती. देखना यह है कि कंपनी की कमाई उसे संभाल पाती है या नहीं. Also, अगली बार किसी कंपनी की balance sheet खोलें, तो सबसे पहले यही देखिए.

Assets, liabilities और equity का रिश्ता समझ लेंगे, तो कंपनी की सेहत परखना आसान हो जाएगा. Finally, सीखने की रफ्तार आपकी practice पर निर्भर है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

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