क्या आपने सुना है कि “आईवी ऊंची है, इसलिए premium महंगा है”? So, तब सवाल आता है कि ऊंची किसके मुकाबले? यहीं historical volatility vs implied volatility की तुलना काम आती है।
Now, इस लेख में हम दोनों का फर्क सरल हिंदी में समझेंगे। However, कोई सलाह या गारंटी नहीं, सिर्फ साफ समझ है।
HV Aur IV Mein Fark Kya Hai?
दोनों नाम एक जैसे लगते हैं, इसलिए उलझन होती है। But दोनों की दिशा बिल्कुल उलटी है।
HV बीते हुए कल को नापता है। In contrast, IV आने वाले कल का अनुमान बताता है।
Also, नीचे हम दोनों को एक-एक करके समझते हैं। Then, तुलना तालिका में सब साफ दिखेगा।
Historical Volatility Kya Hai?
Historical volatility यानी बीते समय में कीमत कितनी ऊपर-नीचे हुई, इसका नाप। Also, इसे आमतौर पर सालाना प्रतिशत में बताया जाता है।
For example, पिछले एक महीने में भाव रोज़ बहुत हिला, तो यह आंकड़ा ऊंचा आएगा। But भाव शांत रहा तो आंकड़ा नीचा आएगा।
Besides, कई जगह इसे realised volatility भी कहते हैं। That is, हिंदी में इसका मतलब वह उतार-चढ़ाव है जो सच में हो चुका है।
So, यह कोई राय नहीं है। Instead, यह बीते आंकड़ों से निकला हुआ गणित है।
Implied Volatility Kya Hai?
Implied volatility वह अनुमान है जो option के बाज़ार भाव से निकलता है। Also, यह आगे की संभावित हलचल दिखाता है।
Now, इसे शुरू से समझना हो तो इसका अलग लेख मौजूद है। Here, हम सिर्फ तुलना करेंगे।
Historical Volatility vs Implied Volatility
नीचे की तालिका में चार आधार पर दोनों को साथ रखा गया है। Also, इसे पढ़ने के बाद आधी उलझन दूर हो जाएगी।
| आधार | HV | IV |
|---|---|---|
| किस पर टिका है | बीते भाव की असली चाल | option के भाव से निकला अनुमान |
| समय की दिशा | पीछे की ओर | आगे की ओर |
| कहां से मिलता है | चार्ट के आंकड़ों से गणना | option chain में हर strike price पर |
| बदलने के कारण | नए दिन की असली कीमत जुड़ने से | खरीदने और बेचने वालों की मांग, खबर, expiry की दूरी |
HV vs IV in Hindi: Example Se Antar Samjhiye
Now, एक काल्पनिक उदाहरण लेते हैं। Also, यह सिर्फ समझाने के लिए है, असली बाज़ार के आंकड़े नहीं।
मान लीजिए किसी सूचकांक का स्तर 20000 है। Then, पिछले कुछ हफ्तों का HV 15 आया और उसी समय IV 22 दिख रही है।
Next, सालाना आंकड़े को रोज़ की चाल में बदलने का मोटा तरीका है, उसे 252 के वर्गमूल से भाग देना। Here, 252 को साल के लगभग कारोबारी दिन मानते हैं, और यह मोटा अनुमान है, पक्का नियम नहीं।
कोड से निकले आंकड़े नीचे की तालिका में हैं। Also, सभी संख्याएं पूर्णांक में गोल की गई हैं।
| बात | HV 15 | IV 22 |
|---|---|---|
| रोज़ की औसत हलचल (प्रतिशत में) | लगभग 0.94 | लगभग 1.39 |
| 20000 के स्तर पर रोज़ की हलचल (अंकों में) | लगभग 189 | लगभग 277 |
So, बीते दिनों में बाज़ार रोज़ औसतन 189 अंक हिला। But option का भाव आगे 277 अंक की हलचल मान रहा है।
Therefore, बाज़ार आगे के दिनों में बीते दिनों से ज़्यादा हलचल की उम्मीद कर रहा है। Also, हो सकता है कोई बड़ी खबर या घटना पास हो।

However, यह भी हो सकता है कि अनुमान गलत निकले। In that case, हलचल उतनी न हो तो premium बेवजह महंगा साबित होगा।
IV HV Se Zyada Ho To Kya Matlab Hota Hai?
यह सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल है। So, सीधा जवाब नीचे है।
अगर IV, HV से ज़्यादा हो, तो option का premium बीती चाल के हिसाब से महंगा हो सकता है। Similarly, IV, HV से कम हो तो premium बीती चाल के हिसाब से सस्ता हो सकता है।
But ध्यान दीजिए, “हो सकता है”, “होगा” नहीं। Also, अंतर पांच अंक का हो या पंद्रह का, यह कोई खरीदने या बेचने का संकेत नहीं है, सिर्फ एक संदर्भ है।
बजट या इवेंट से पहले Implied Volatility क्यों बढ़ जाती है?
बजट, नतीजे या चुनाव जैसी घटना पास हो, तो IV अक्सर पहले से ऊपर चढ़ जाती है। So, तब HV नीचा और IV ऊंची दिखना आम बात है।
Therefore, हर अंतर को “गड़बड़” मत समझिए। Also, कई बार उसके पीछे सीधी वजह होती है।
Besides, घटना के बाद IV कैसे गिरती है, यह आप iv crush kya hota hai guide से समझ सकते हैं।
Option Chain Mein IV Kahan Dekhein Aur HV Se Kaise Jodein?
तुलना के लिए पहले दोनों आंकड़े साथ चाहिए। So, HV चार्ट के आंकड़ों से निकलता है, जबकि IV सीधे option chain में दिखती है।
Also, यह जानना ज़रूरी है कि [ऑप्शन चेन में आईवी देखने का तरीका](existing link) क्या है। Then, आप हर strike price की IV सही जगह से पढ़ सकेंगे और HV से मिलाना आसान हो जाएगा।
Next, एक ही expiry और पास के strike price की IV लेकर तुलना कीजिए। But अलग-अलग expiry की IV मिलाने से तस्वीर बिगड़ती है।
Besides, अलग-अलग strike पर IV क्यों अलग दिखती है, यह आप iv skew kya hota hai guide से सीख सकते हैं।
Option Trading में HV और IV के इस्तेमाल की सीमाएं क्या हैं?
कोई भी आंकड़ा पूरी कहानी नहीं कहता। So, दोनों की अपनी कमज़ोरियां हैं।
HV की सीमाएं:
- यह सिर्फ बीते समय को दिखाता है, आगे की गारंटी नहीं देता।
- कितने दिन का आंकड़ा लिया गया, इससे नतीजा बदल जाता है।
- एक बड़े दिन की चाल पूरे आंकड़े को खींच सकती है।
IV की सीमाएं:
- यह एक अनुमान है, जो गलत भी निकल सकता है।
- मांग बढ़ने पर बिना किसी असली कारण के भी ऊपर जा सकती है।
- हर strike और expiry पर अलग दिखती है।
Therefore, इन्हें अकेले नहीं, बल्कि बाकी बातों के साथ देखना ठीक रहता है।
Option Trading में HV vs IV का सही और सुरक्षित उपयोग कैसे करें?
समझदार ट्रेडर इस अंतर को संदर्भ की तरह देखते हैं। Also, यह उनके लिए आदेश नहीं होता।
So, नीचे कुछ सुरक्षित आदतें हैं।
- पहले सवाल पूछिए: IV ऊंची क्यों है, कोई खबर या घटना पास है क्या।
- पोज़ीशन का आकार छोटा रखिए: खासकर जब अंतर बड़ा दिखे।
- Stop loss पहले तय कीजिए: अनुमान गलत हो तो नुकसान सीमित रहे।
- Vega का असर देखिए: IV बदलने पर premium कितना हिलेगा।
- Hedge की सोचिए: खुला जोखिम कम करने का रास्ता।
Also, vega को गहराई से समझना हो तो vega kya hota hai in hindi guide काम आएगी।
But एक बात याद रखिए। IV बहुत ऊंची हो तब भी दिशा गलत हो सकती है, और IV नीची हो तब भी option डूब सकता है।
Option Trading में HV और IV से जुड़े बड़े भ्रम और गलतियां
नए ट्रेडर अक्सर इन जालों में फंसते हैं। So, इनसे बचना ही आधी समझदारी है।
- First, HV और IV को एक ही चीज़ समझ लेना।
- Second, “IV ज़्यादा है” देखकर तुरंत बेचने की सोचना।
- Third, “IV कम है” देखकर premium को पक्का सस्ता मान लेना।
- Also, अलग-अलग expiry की IV की तुलना करना।
- Besides, सिर्फ एक दिन के आंकड़े से निष्कर्ष निकालना।
- Finally, यह भूल जाना कि दोनों आंकड़े भविष्य की गारंटी नहीं हैं।
Also, नुकसान का डर स्वाभाविक है। But डर में जल्दबाज़ी करने के बजाय आंकड़े का मतलब समझना ज़्यादा काम आता है।
Besides, अगर आप किसी कंपनी की बुनियाद भी परखना चाहते हैं, तो working capital kya hota hai guide से शुरुआत कर सकते हैं। But उससे पहले volatility की समझ बनाना ज़्यादा ज़रूरी है।
क्या आप भी option chain में IV देखकर उसे HV से सही तरीके से तुलना करना सीखना चाहते हैं?
But सिर्फ definition रटने से volatility का खेल समझ नहीं आता। Instead, असली option chain पर practice और experts के जवाब ही फर्क बनाते हैं।
So, हमारी live classes में आप अपने सवाल सीधे पूछ सकते हैं और step by step सीख सकते हैं। Also, क्लास 1 से 1.5 घंटे की होती है, हर विद्यार्थी के हिसाब से योजना बनती है और कोई तय समूह नहीं है।
निष्कर्ष
So, historical volatility vs implied volatility का फर्क सीधा है: HV बीती असली चाल नापता है, जबकि IV आगे की संभावित चाल का अनुमान देती है। Also, IV के HV से ज़्यादा होने पर premium बीती चाल के हिसाब से महंगा हो सकता है।
But यह कोई खरीद-बिक्री का संकेत नहीं है। Therefore, इसे सिर्फ एक संदर्भ की तरह पढ़िए और जोखिम की योजना पहले बनाइए।
Finally, छोटी रकम और सीखने के इरादे से ही शुरुआत कीजिए। Instead of जल्दबाज़ी के, हर बार समझिए कि अंतर क्यों दिख रहा है।
अस्वीकरण: यह लेख सिर्फ शिक्षा के लिए है। Also, यह निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है और उदाहरण काल्पनिक हैं। निजी फैसले आपकी आय, लक्ष्य और जोखिम सहने की क्षमता पर निर्भर करते हैं, इसलिए SEBI से पंजीकृत सलाहकार से मिलिए। Option में नुकसान का जोखिम रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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