इससे आप देख पाते हैं कि कीमत कहां से कहां पहुंची। Share market chart kaise padhe, इसका सार तीन चीज़ों में है: trend, price के स्तर और volume।
इन तीनों को पकड़ लिया, तो आधा काम हो गया।
पहली बार chart खोलने पर हरी-लाल लाइनें डराती हैं। यही वजह है कि stock chart kaise padhe और chart padhna kaise sikhe जैसे सवाल इतने पूछे जाते हैं।
यह स्वाभाविक है। चलिए, इस share market chart in hindi गाइड में इसे कदम-दर-कदम आसान बनाते हैं।
शेयर मार्केट चार्ट क्या होता है?
Chart कीमत के इतिहास को तस्वीर में बदल देता है।
इसमें दो अक्ष होते हैं: X-axis पर समय, Y-axis पर कीमत।
Share Market Chart में कीमत की चाल कितने प्रकार की होती है?
Chart पर हर शेयर की कीमत एक ही तरह नहीं चलती। कभी वह लगातार चढ़ती है, कभी गिरती है और कभी एक जगह अटकी रहती है।
इस चाल को पहचानना chart पढ़ने का पहला कदम है, क्योंकि आपकी entry और exit इसी पर टिकती है। मोटे तौर पर कीमत की चाल तीन तरह की हो सकती है:
- Uptrend: कीमत ऊपर की तरफ बढ़ रही है।
- Downtrend: कीमत नीचे की तरफ गिर रही है।
- Sideways: कीमत एक दायरे में ऊपर-नीचे हो रही है।
पहला सवाल हमेशा यही होना चाहिए कि अभी trend कौन सा है। बाकी सब उसके बाद आता है।
Share Market aur Chart ka Rishta: चार्ट और शेयर बाजार का आपस में क्या संबंध है?
Chart की जड़ें शेयर बाजार की चाल से जुड़ी हैं। बाज़ार में जितने खरीदार और बेचने वाले, उतनी कीमत में हलचल।
इसलिए chart को बाज़ार की भाषा की तरह पढ़िए।
अगर आप बिल्कुल शुरू से सीख रहे हैं, तो शेयर मार्केट कैसे सीखें पहले पढ़ लीजिए।
Share Market Chart के प्रकार: कौन सा चार्ट कब और कैसे इस्तेमाल करें?
Chart के पांच आम प्रकार हैं। सबमें कीमत वही दिखती है। फर्क इतना है कि जानकारी कितनी बारीकी से दिखती है।
नीचे सीधी तुलना है:
| Chart | क्या दिखाता है | किसके काम का |
|---|---|---|
| Line chart | सिर्फ closing price | लंबे समय का trend देखने वाले |
| Bar chart | Open, high, low, close | विस्तार से देखने वाले traders |
| Area chart | Line chart जैसा, नीचे रंग भरा | साधारण और साफ तस्वीर चाहने वाले |
| Candlestick chart | Open, high, low, close, रंग के साथ | ज़्यादातर traders, खासकर beginners |
| Heikin Ashi chart | औसत की गई candles | trend को साफ देखने वाले |
1. Line Chart in Hindi
Line chart में हर दिन की सिर्फ closing price जोड़कर एक लाइन बनती है। यह सबसे साफ और सरल chart है।

लंबे समय का trend और बड़े support-resistance इसमें आसानी से दिखते हैं। पर दिन के भीतर क्या हुआ, यह नहीं दिखता।
2. Bar Chart in Hindi
Bar chart में हर bar एक दिन (या एक अवधि) का होता है। वह चार कीमतें बताता है: open, high, low और close।
लंबी खड़ी रेखा high से low तक की रेंज दिखाती है। बाईं तरफ का छोटा निशान open है और दाईं तरफ का close।
3. Area Chart in Hindi
Area chart असल में line chart है जिसके नीचे का हिस्सा रंग से भरा होता है। यह presentation में अच्छा दिखता है।
Trading के फैसलों के लिए इसमें line chart से ज़्यादा जानकारी नहीं मिलती।
4. Candlestick Chart in Hindi
Candlestick chart in hindi में वही चार कीमतें एक “candle” के आकार में दिखती हैं। रंग देखते ही पता चल जाता है कि दिन खरीदारों का रहा या बेचने वालों का।

इसीलिए ज़्यादातर traders इसे पसंद करते हैं। इसकी पूरी जानकारी कैंडलस्टिक चार्ट में है।
5. Heikin Ashi Chart in Hindi
Heikin Ashi chart in hindi में candles औसत निकालकर बनती हैं। इससे छोटे झटके हट जाते हैं और trend साफ दिखता है।
लगातार हरी candles अक्सर uptrend दिखाती हैं और लगातार लाल candles downtrend। पर औसत की वजह से असली price थोड़ी पीछे दिखती है।
Share Market Chart Kaise Padhe?
अब असली काम। ट्रेडिंग में chart का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होता है।
किसी भी chart को इन छह steps से पढ़िए, इसी क्रम में:
- Candlestick chart चुनिए। Beginners के लिए यही सबसे अच्छा है।
- Timeframe तय कीजिए। आपकी trading के हिसाब से, जिसका ज़िक्र नीचे है।
- Trend पहचानिए। कीमत ऊपर, नीचे या sideways है?
- Support और resistance निशान लगाइए। जहां कीमत बार-बार रुकी हो।
- Volume देखिए। चाल के पीछे कितना दम है।
- Entry, stop loss और target तय कीजिए। बिना इसके chart सिर्फ तस्वीर है।
Stock Trading Example: शेयर बाजार में शेयर कहां खरीदें और Stop Loss कहाँ लगाएं?
एक उदाहरण लीजिए। मान लीजिए किसी शेयर की कीमत ₹480 के आसपास कई बार रुककर लौटी है। यह support है।
₹520 के आसपास वह बार-बार नीचे आई है। यह resistance है।
अब कीमत ₹485 पर है। आप ₹485 पर खरीद सकते हैं। Stop loss ₹478 रखिए, यानी support के ठीक नीचे। Target ₹515 रखिए, यानी resistance के पास।

यहां जोखिम ₹7 प्रति शेयर है और संभावित फायदा ₹30। यानी लगभग 1:4 का अनुपात। यह सिर्फ समझाने के लिए बनाया उदाहरण है, कोई सलाह नहीं।
Support और resistance की जड़ तक पहुंचने के लिए support and resistance in hindi पढ़िए।
अब जोखिम का हिसाब समझिए।
जोखिम और फायदे का गणित शेयर मार्केट का गणित में विस्तार से मिलेगा।
Chart Timeframe कैसे चुनें?
Timeframe का मतलब है, हर candle कितने समय की है। 1 minute की candle कुछ सेकंड की हलचल दिखाती है। Daily candle पूरे दिन की।
सही timeframe आपकी trading के style पर निर्भर है:
| Trading style | आम तौर पर चुने जाने वाले timeframe |
|---|---|
| Intraday | 1, 5 या 15 मिनट |
| Swing trading | Daily या 4 घंटे |
| Positional trading | Daily या weekly |
छोटे timeframe पर शोर ज़्यादा होता है और झूठे संकेत भी। इसलिए पहले बड़े timeframe पर trend देखिए, फिर छोटे पर entry ढूंढिए।
Intraday के लिए chart का इस्तेमाल intraday trading in hindi में समझिए।
Intraday में हर मिनट मायने रखता है, इसलिए नियम पहले आते हैं।
फैसले को नियम में बदलने के लिए इंट्राडे ट्रेडिंग फॉर्मूला देखिए।
Candlestick Chart को कैसे पढ़ें: एक Candle से शुरुआत
हर candle के दो हिस्से होते हैं: मोटी body और पतली wick (छाया)। Body open और close के बीच की दूरी है। Wick उस अवधि की high और low बताती है।
Candle का रंग और आकार क्या बताता है?
रंग का नियम सीधा है। अगर close, open से ऊपर है, तो candle हरी होती है, यानी खरीदार जीते। अगर close नीचे है, तो लाल, यानी बेचने वाले हावी रहे।
बड़ी body मज़बूत चाल बताती है। लंबी wick बताती है कि कीमत कहीं तक गई थी, पर वहां टिक नहीं पाई।
कई candles मिलकर patterns बनाती हैं। इनकी सूची आप candlestick pattern book में देख सकते हैं।
Patterns रटने की चीज़ नहीं हैं। उन्हें पहचानना सीखिए।
एक बड़े pattern की मिसाल double top and double bottom pattern में है।
Chart पर Volume और Indicators कैसे काम आते हैं?
Volume बताता है कि उस अवधि में कितने शेयरों का सौदा हुआ। हरा volume bar तब दिखता है जब close ऊपर रहा। लाल तब, जब close नीचे रहा।
कीमत बढ़े और volume भी बढ़े, तो चाल ज़्यादा भरोसेमंद लगती है। कीमत बढ़े पर volume कमज़ोर हो, तो सावधान रहिए।
Indicators chart के ऊपर या नीचे लगने वाले गणित के औज़ार हैं। मूविंग एवरेज और RSI आम उदाहरण हैं।
इन्हें अकेले संकेत नहीं मानना चाहिए। इन्हें trend और volume की पुष्टि के लिए इस्तेमाल कीजिए।
इन औज़ारों का पूरा परिचय technical analysis in hindi में है।
Chart पढ़ते समय 5 आम गलतियां
शुरुआत में ज़्यादातर लोग इनमें से कुछ गलतियां करते हैं:
- एक साथ बहुत सारे indicators लगाना। Chart इतना भर जाता है कि कुछ समझ नहीं आता।
- सिर्फ छोटे timeframe देखना। बड़ा trend छूट जाता है।
- Stop loss के बिना trade लेना। Chart ने संकेत दिया, पर सुरक्षा नहीं दी।
- एक candle पर पूरा फैसला लेना। Candle को संदर्भ में देखिए।
- Volume को नज़रअंदाज़ करना। बिना volume की चाल अक्सर टिकती नहीं।
सिर्फ chart देखना लंबे निवेश के लिए भी अधूरा है। कंपनी को समझने के लिए share market me invest kaise kare पढ़िए।
क्या आप भी chart पढ़ना सीखकर अपना पहला trade सही तरीके से लेना चाहते हैं?
सिर्फ videos देखकर chart पढ़ना नहीं आता, असली charts पर practice और mentor के जवाब ही फर्क बनाते हैं।
हमारी live classes में आप अपने मोबाइल से जुड़ सकते हैं, असली Nifty और शेयरों के charts पर सवाल पूछ सकते हैं और step by step सीख सकते हैं।
निष्कर्ष
Share market chart kaise padhe, इसका जवाब तीन चीज़ों में है: trend, price के स्तर और volume।
Candlestick chart चुनिए, timeframe तय कीजिए, trend पहचानिए, support-resistance और volume देखिए, और हर trade में stop loss रखिए।
जल्दबाज़ी मत कीजिए, रोज़ 10 मिनट असली charts देखने से नज़र तेज़ होती है। Chart पढ़ना ट्रेडिंग कैसे सीखें के पूरे क्रम का एक हिस्सा है।
तैयारी पक्की हो जाए, तो share market देखिए और chart padhna kaise sikhe का अभ्यास नियमित रखिए।
अक्सर पूछा गया सवाल
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