Return on Assets क्या होता है? ROA का मतलब, फार्मूला और उदाहरण

return on assets kya hota hai

क्या आपने किसी कंपनी का मुनाफा देखकर खुश हो गए? लेकिन यह समझने के लिए कि return on assets kya hota hai, आपको यह देखना होगा कि इतनी बड़ी संपत्ति पर यह मुनाफा सच में अच्छा है या नहीं।

इस लेख में हम ROA का मतलब, सूत्र, उदाहरण और सही तुलना का तरीका सरल हिंदी में समझेंगे।

Return on Assets Kya Hota Hai?

सोचिए दो दुकानदारों ने एक जैसा मुनाफा कमाया। First, एक ने बहुत बड़ी दुकान और मशीनों पर पैसा लगाया था। But दूसरे ने छोटी दुकान में काम चला लिया।

So, असली होशियार कौन है? ROA यानी return on assets इसी का जवाब देता है। Also, यह बताता है कि कंपनी अपनी संपत्ति से कितना मुनाफा बना पाई।

ROA Meaning in Hindi: यह क्या मापता है?

हिंदी में “संपत्ति पर प्रतिफल” कहलाता है। So, यह बताता है कि कंपनी की हर 100 रुपये की संपत्ति ने साल भर में कितने रुपये का शुद्ध मुनाफा दिया।

Also, अनुपात जितना ऊंचा, उतनी कुशलता से कंपनी अपनी संपत्ति को मुनाफे में बदल रही है। Here, यह संपत्ति कंपनी की balance sheet में लिखी होती है।

Besides, संपत्ति क्या होती है, यह आप assets meaning in hindi guide से आसानी से समझ सकते हैं।

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Return on Assets (ROA) का मतलब, सूत्र और उदाहरण।

Investors ROA Kyun Dekhte Hain? Kya Fayda Hai?

कारोबार चलाने के लिए कंपनी को संपत्ति में पैसा लगाना पड़ता है। But अगर वह संपत्ति मुनाफा न बनाए, तो पैसा बेकार पड़ा रहता है।

So, ROA यही जांचता है। Therefore, यह किसी कंपनी की कार्यकुशलता समझने का एक आसान तरीका है, पर अकेला नहीं।

ROA Formula Kya Hai?

अगर आप पहली बार किसी कंपनी का मुनाफा परख रहे हैं, तो यही एक सूत्र शुरुआत के लिए काफी है। Also, नीचे दिया गया रूप सबसे आम है।

ROA = शुद्ध मुनाफा ÷ औसत कुल संपत्ति × 100

Here, शुद्ध मुनाफा कंपनी के P&L से मिलता है। Also, औसत कुल संपत्ति का मतलब साल की शुरुआत और अंत की संपत्ति का औसत है।

Next, औसत इसलिए लिया जाता है कि साल भर में संपत्ति घटती-बढ़ती रहती है। Otherwise, सिर्फ अंत का आंकड़ा तस्वीर अधूरी दिखा सकता है।

ROA कैसे निकालें? Return on Assets निकालने का आसान तरीका और उदाहरण

Now, नीचे के आंकड़े सिर्फ समझाने के लिए हैं। Also, इनका किसी असली कंपनी से संबंध नहीं है।

मान लीजिए कंपनी “क” का साल भर का शुद्ध मुनाफा 50 करोड़ रुपये रहा। Also, साल की शुरुआत में कुल संपत्ति 480 करोड़ थी और अंत में 520 करोड़।

First, औसत निकालिए। (480 + 520) ÷ 2 = 500 करोड़ रुपये।

Then, 50 ÷ 500 × 100 = 10%। So, कंपनी “क” ने हर 100 रुपये की संपत्ति पर 10 रुपये का मुनाफा बनाया।

ROA Nikalne Ke 4 Aasan Steps

ROA निकालना मुश्किल नहीं है। So, नीचे चार छोटे चरण हैं, जिन्हें आप किसी भी कंपनी पर दोहरा सकते हैं।

Also, हर आंकड़ा कंपनी के वित्तीय विवरण में मिल जाता है। Here, कंपनी की रिपोर्ट पढ़ना सीखना हो तो company ki balance sheet kaise check kare guide काम आएगी।

  • शुद्ध मुनाफा लीजिए, जो P&L में सबसे नीचे मिलता है।
  • साल की शुरुआत और अंत की कुल संपत्ति balance sheet से लीजिए।
  • दोनों का औसत निकालिए।
  • मुनाफे को औसत से भाग दीजिए और 100 से गुणा कीजिए।

ROA Kitna Hona Chahiye?

यहां सबसे बड़ी गलती होती है। So, लोग एक ही संख्या को “अच्छा” मान लेते हैं, जबकि ऐसी कोई तय संख्या नहीं है।

Because हर उद्योग का ढांचा अलग है। Now, नीचे की तालिका में तीन काल्पनिक कंपनियां हैं, जिनका मुनाफा अलग है और संपत्ति भी।

कंपनी (काल्पनिक)शुद्ध मुनाफाऔसत कुल संपत्तिROA
क (सामान्य)50 करोड़500 करोड़10%
ख (भारी संपत्ति वाली)30 करोड़600 करोड़5%
ग (हल्की संपत्ति वाली)40 करोड़200 करोड़20%

कंपनी “ख” को भारी मशीनें, कारखाने और ज़मीन चाहिए। So, उसकी संपत्ति बड़ी है और ROA कम दिखता है।

तुलना तालिका और बार ग्राफ जो विभिन्न कंपनियों के रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) और संपत्ति के उपयोग को दर्शाते हैं।
विभिन्न कंपनियों की संपत्ति के उपयोग और मुनाफे की तुलना।

Also, कंपनी “ग” का काम कम संपत्ति में चलता है, इसलिए ROA ऊंचा दिखता है। But इसका मतलब यह नहीं कि “ग” हमेशा बेहतर है, क्योंकि दोनों अलग तरह के कारोबार हैं।

ROA के पीछे एक वजह यह भी होती है कि कंपनी अपनी संपत्ति से कितनी बिक्री निकाल रही है। यह पैमाना asset turnover ratio kitna hona chahiye इस guide से सीखिए।

Achha ROA Kya Hota Hai?

अच्छा ROA कोई एक संख्या नहीं, एक तुलना है। So, इसे परखने के दो आसान तरीके हैं।

Also, दोनों तरीके साथ इस्तेमाल करने पर तस्वीर ज़्यादा साफ होती है। Here, पहले उद्योग से तुलना, फिर कंपनी का अपना रुझान देखिए।

समान उद्योग की कंपनियों से तुलना

एक ही उद्योग की दूसरी कंपनियों का ROA देखिए। Also, जो कंपनी अपने साथियों से लगातार आगे रहे, वह संपत्ति का बेहतर उपयोग कर रही है।

But बैंकिंग वाली कंपनी की तुलना सॉफ्टवेयर वाली कंपनी से मत कीजिए। Because दोनों की संपत्ति का स्वभाव ही अलग है।

पिछले 5 साल का ROA रुझान

एक साल का आंकड़ा मौसम की तरह बदल सकता है। So, कम से कम पांच साल का क्रम देखिए।

Now, नीचे की तालिका में कंपनी “क” का काल्पनिक पांच साल का ROA है, जो सिर्फ समझाने के लिए है।

सालशुद्ध मुनाफाऔसत कुल संपत्तिROA
पहला40 करोड़500 करोड़8.0%
दूसरा44 करोड़520 करोड़8.5%
तीसरा46 करोड़540 करोड़8.5%
चौथा52 करोड़560 करोड़9.3%
पांचवां60 करोड़600 करोड़10.0%

Here, ROA धीरे-धीरे बढ़ा है। Therefore, यह संकेत है कि कंपनी संपत्ति का बेहतर उपयोग कर रही है, लेकिन पक्का फैसला इसी से नहीं होता।

ROA Aur ROE Mein Fark Kya Hai? ROCE Se Kaise Alag?

नए निवेशक अक्सर इन अनुपातों में उलझ जाते हैं। So, नीचे की तालिका में तीनों का फर्क एक-एक पंक्ति में है।

अनुपातयह क्या देखता है
ROAकुल संपत्ति पर कितना शुद्ध मुनाफा बना
ROEशेयरधारकों के अपने पैसे पर कितना शुद्ध मुनाफा बना
Return on capital employedकारोबार में लगी कुल पूंजी पर कितना लाभ बना

Also, ROA में कर्ज़ और अपना पैसा, दोनों से बनी संपत्ति गिनी जाती है। But ROE में सिर्फ शेयरधारकों का हिस्सा गिना जाता है।

Next, शेयरधारकों के पैसे पर मुनाफे को विस्तार से समझना हो तो roe meaning in Hindi guide पढ़ सकते हैं।

ROA की सीमाएं: क्या सिर्फ इस एक रेश्यो पर भरोसा करना सही है?

ROA उपयोगी है, लेकिन अकेला पूरी कहानी नहीं बताता। So, इसे पढ़ते समय इन बातों का ध्यान रखिए।

Also, हर सीमा ROA के आंकड़े को अलग तरह से बदल सकती है। Here, नीचे तीन मुख्य बातें हैं।

  • कर्ज़: ROA यह नहीं दिखाता कि संपत्ति कर्ज़ से खरीदी गई या अपने पैसे से। दो कंपनियों का ROA बराबर हो सकता है, पर जोखिम बहुत अलग।
  • घिसावट: पुरानी संपत्ति का मूल्य घिसावट से घट चुका होता है। इससे पुरानी कंपनी का ROA बढ़ा हुआ दिख सकता है।
  • एकमुश्त लाभ या हानि: संपत्ति बेचने से हुआ लाभ एक साल का मुनाफा ऊंचा कर देता है। यह हर साल दोहराया नहीं जाएगा।

Therefore, शुद्ध मुनाफे में कोई असामान्य मद है या नहीं, यह ज़रूर जांचिए। Also, कर्ज़ का बोझ परखने के लिए debt to equity ratio in Hindi guide से मदद ले सकते हैं।

Return on Assets कैलकुलेट करते समय बिगिनर्स क्या गलतियाँ करते हैं?

शुरुआती निवेशक कुछ गलतियां बार-बार करते हैं। So, नीचे की सूची में उन्हें पहले से देख लीजिए।

Also, इन गलतियों को जान लेने से आधा नुकसान टल जाता है। Here, हर बिंदु एक आम आदत बताता है।

  • First, सिर्फ अंत की संपत्ति लेना, औसत न निकालना।
  • Second, अलग उद्योग की कंपनियों की तुलना करना।
  • Third, एक ही साल का आंकड़ा देखकर राय बना लेना।
  • Also, ROA को खरीदने या बेचने का संकेत मान लेना।
  • Finally, कर्ज़ और घिसावट के असर को नज़रअंदाज़ करना।

But ऊंचा ROA देखकर घबराहट या उत्साह में फैसला मत कीजिए। Instead, यह अनुपात सिर्फ एक जानकारी है, फैसला नहीं।

Besides, कंपनी के रोज़ के कामकाज की पूंजी भी परखनी हो तो working capital kya hota hai guide देख सकते हैं।

क्या आप भी दूसरों की राय के बजाय खुद ROA निकालना सीखना चाहते हैं?

Instead, हमारी live classes में असली balance sheet पर practice कीजिए और experts से सीधे सवाल पूछिए। Also, क्लास 1 से 1.5 घंटे की है और कोई तय batch नहीं है।

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निष्कर्ष

So, return on assets kya hota hai, इसका जवाब सीधा है: कंपनी की हर 100 रुपये की संपत्ति ने कितना शुद्ध मुनाफा बनाया। Also, इसे औसत कुल संपत्ति से निकाला जाता है।

But कोई एक तय “अच्छा” ROA नहीं होता। Therefore, कंपनी की तुलना उसी उद्योग से कीजिए और पिछले 5 साल का रुझान देखिए।

Finally, ROA को खरीदने या बेचने का संकेत मत मानिए। Instead, कर्ज़, घिसावट और असामान्य मदों को भी साथ में परखिए।

Also, सारा गणित समझने के बाद लंबी अवधि की सोच के लिए 1000 ki sip 10 saal baad kitni hogi guide भी देख सकते हैं।

अस्वीकरण: यह लेख सिर्फ शिक्षा के लिए है और निवेश सलाह नहीं है। Also, उदाहरण के सारे आंकड़े काल्पनिक और सिर्फ समझाने के लिए हैं। So, निर्णय आपकी आय, लक्ष्य और जोखिम सहने की क्षमता पर निर्भर करता है। Finally, निजी फैसले के लिए SEBI-पंजीकृत सलाहकार से मिलिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

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